थोड़ा सिरफिरा सा हूँ मै ,जिसको चाहता हूं तो उसकी नफ़रत भी कुबूल कर लेता हूँ
मगर जिससे नफ़रत हो वो खुदा बन चला आए तो भी कुबूल नहीं हमको- लफ़्ज-ए-प्रशान्त✍
5 NOV 2020 AT 8:46
थोड़ा सिरफिरा सा हूँ मै ,जिसको चाहता हूं तो उसकी नफ़रत भी कुबूल कर लेता हूँ
मगर जिससे नफ़रत हो वो खुदा बन चला आए तो भी कुबूल नहीं हमको- लफ़्ज-ए-प्रशान्त✍