Prakirti   (Km Pr@kirti)
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Joined 5 June 2020


Joined 5 June 2020
12 HOURS AGO

" My Zombie World "

Heya! My tasty humans.
Welcome to my zombie sphere.


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YESTERDAY AT 13:11

Love call 📞

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10 MAY AT 16:07

🌟 Morning vibes 🌟

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9 MAY AT 13:48

माँ ♥️

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8 MAY AT 19:36

Journey of a beautiful friendship

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6 MAY AT 21:25

दिमाग में एक जंग जारी है
कौन जीतेगा देखना जरुरी हैं

अटपटे सोच को हर बार जगाता हैं
मेरा कोई वजूद नहीं हर बार बताता हैं

काम के बीच में आकर मुझे भटकाता है
वो दिखाता है जो कभी हो नहीं सकता हैं

खुशी इससे जरा भी नहीं होती है
बुरी सोच अक्सर परेशाँ कर जाती है

अनजाने रास्तो पर ये ले जाता हैं
जब रोकूँ तो मुझसे ही रूठ जाता हैं

आज जंग मेरे इरादे और भय के बीच जारी है
इस बार तो मेरी जीतने की पूरी मुकम्मल तैयारी है।

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5 MAY AT 22:16

अलग सा सुकून हैं खुद के साथ
ना कोई जलन बस बिखरा हैं प्यार
अब रात की चांदनी दिल को भाती है
अनकही बातों को जुबा पर ले आती हैं

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3 MAY AT 16:55

सिगरेट

दिखावे की जिंदगी से आगे निकल आए हैं
जिसको शौक़ से पीते थे आज जिंदगी बन आए हैं

एक से शुरू आज अनेकों पर ख़त्म होती हैं
ललक ही ऐसी हैं, खुद से दूर ना होने देती हैं

दोस्तों की मंडली भी कुछ अलग सी मिली हैं
मेरा साथ हर घड़ी बड़े शिद्दत से देती हैं

माँ बाप हर समय अब रूठे से रहते हैं
भाई बहन तो अब मुझसे बात भी नहीं करते हैं

सोचता हूँ बहुत हुआ अब आदत बदलनी हैं
मगर ये लत अनोखे अंदाज़ में मुझे जकड़ी हैं

पता हैं अंदर से खोखला होता जा रहा हूँ
सांसे भी अब लुका छुपी खेलने लगी हैं

ख्वाब तो थे जिंदगी को सवारने के
मगर आज ये बिखर कर कही दूर बह रहे हैं ||

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2 MAY AT 10:53

जो बचपन में बिन बुलाये आती हैं
जवानी आते ही छुपना सिख जाती हैं

गम-ए-फ़रियाद में जिंदगी बितती हैं
हर मुल्क में बस बेबसी सी दिखती हैं

दुनिया की परवाह में खुशियाँ लुटती हैं
चेहरे पर एक झूठी हँसी हमेशा होती हैं

बेबसी की आलम में इतना खो गए हैं
खुशियाँ भी हमसे पर्दा करने लगे हैं

क्यों ना कुछ पल जिंदगी के चुराते हैं
बिना किसी चाह के दिल से मुस्कुराते हैं

परेशानियों को सोच उसे दुगना करते हैं
क्यों ना सब कुछ भुला हम दिल से जीते हैं

जिंदगी को क्यों पहाड़ो सा कठोर बनाये हम
क्यों ना पानी की तरह हँसते बहते जाए हम

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1 MAY AT 7:35

यादों की सौगात 🦋

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