एक अरसा हो गया लोगों को स्वभाव की तारीफ़ करते नहीं सुना,
सुंदरता के बखान को ही लोग तारीफ़ समझ लेते हैं।-
Pragya Tomar
(Praज्ञा)
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लिखना पसंद है।
Joined 21 August 2020
21 JAN 2022 AT 22:53
15 DEC 2021 AT 0:49
क़भी दोस्त बदलते देखा है?
जो कभी सिर्फ़ आपका था, अब उसपे कोई और भी हक़ जताने लगा है,
वो कभी- कभी आपके जितना, कभी आपसे ज्यादा किसी की फ़िक्र जताने लगा है।
जो लड़ जाता था आपके लिए किसी से भी, वो आज खुद की लड़ाईयां सुलझाने में लगा है।
जो आपको कभी अकेला नहीं छोड़ता था, वो आज़ आपके हिस्से से समय बचाने लगा है।
आपके साथ खुलके हँसने-रोने वाला,किसी और के आपसे ज्यादा करीब जाने लगा है।
जो क़भी सिर्फ आपका था वो शख्स अब बँटने सा लगा है।-
4 NOV 2021 AT 11:10
बात अगर केवल रोशनी की होती तो बल्ब से अच्छा कोई श्रोत नहीं था,मगर बात तो यहां उम्मीद की है फिर उसके लिए तो दिया ही जलाना था।
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4 NOV 2021 AT 10:52
हर तरफ़ रोशनी करते करते ये भूल मत जाना,
इस बार एक छोटा सा दिया अपने दिलों में भी जलाना।-
25 FEB 2021 AT 19:34
किनारे पर तैरकर बहुत आसान है लहरों के साथ बहना, एक बार मझधार में आ कर देखो डूब न जाओ तो कहना।
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