हाताश हु आज बहुत........
क्योंकि पहली बार किसी को कल
मन की बात कहने का जिक्र हुवा था,
उसने भी हताश कर दिया मुझे
बोला! मैं तुम्हारे साथ हु
लेकिन करीब नही रह सकता..
मैने भी मुस्कुराते हुवे बोला
कोई नही तुमने अपनेपन की
बात की वो ही मेरे लिए अपनापन है
ज़िंदगी के दायरे ने मुझे एक बात
सिखलाई सब साथ का कहते है
लेकिन साथ होता कोई नही है.......✍️
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चुभ जाती हैं बाते कभी, तो
कभी लहजे मार जाते है, यह
जिंदगी है जनाब, यहां हम गैरो
से ज्यादा, अपनो से हार जाते
हैं.........!!-
लड़की.......
लड़की यानी बेटी, पत्नी, मां......... और एक औरत
ये सब गुणों से परिपूर्ण होती हैं लड़की!
लड़की का कोई घर नहीं होता है!
वो एक परितापुण नारी होती हैं!
ना मायका ना ससुराल लड़की का होता है
वो बस अपना एक किरदार निभा रही है
सांसारिक पारंपरिक का किरदार होता है जो
केवल लड़की निभा सकती हैं......
सौभाग्य से लड़की का कहने वाले ,
लड़की को दुर्भाय में बदला जाता हैं,
बस वो लड़की है इसलिए चुप रहती हैं
बस वो लड़की है अपना किरदार निभा रही है.....!!-
लड़की.......
लड़की यानी बेटी, पत्नी, मां......... और एक औरत
ये सब गुणों से परिपूर्ण होती हैं लड़की!
लड़की का कोई घर नहीं होता है!
वो एक परितापुण नारी होती हैं!
ना मायका ना ससुराल लड़की का होता है
वो बस अपना एक किरदार निभा रही है
सांसारिक पारंपरिक का किरदार होता है जो
केवल लड़की निभा सकती हैं......
सौभाग्य से लड़की का कहने वाले ,
लड़की को दुर्भाय में बदला जाता हैं,
बस वो लड़की है इसलिए चुप रहती हैं
बस वो लड़की है अपना किरदार निभा रही है.....!!-
जिस पर गुजरती हैं वो ही जानता है,
तसल्लीयो से ये दिल कहा मानता है..!!
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मजबूर नही करेगे, तुम्हे बात करने के लिए,
चाहत होती तो दिल तुम्हारा भी होता......!!-
अंदाज़े से न नापिये किसी इंसान की हस्ती..ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे हुआ करते हैं .....!!✍️
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जिस परिवार में रिश्तों में भेदभाव हों, वहा रिश्ता कभी नहीं निभाना चाहिए....!!✍️🙏😓
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जितनी चीजे कृष्ण से छूटी उतनी तो किसी से नही छूटी, कृष्ण से उनकी मां छूटी, पिता छूटे, फिर जो नंद - यशोदा मिले वे भी छूटे। संगी - साथी छूटे, राधा छूटी, गोकुल छूटा, फिर मथुरा छूटा। कृष्ण से जीवन भर कुछ न कुछ छूटता ही रहा। कृष्ण से जीवन भर त्याग करते रहे। हमारी आज की पीढ़ी जो कुछ भी छूटने पर टूटने लगती हैं, उसे कृष्ण को गुरू बना लेना चाहिए। जो कृष्ण को समझ लेगा वह कभी अवसाद में नहीं जायेगा। कृष्ण आनंद के देवता हैं। कुछ छूटने पर भी केसे खुश रहा जा सकता हैं, यह कृष्ण से अच्छा कोई सीखा ही नही सकता।
!! जय श्री कृष्णा !!-