3 OCT 2023 AT 20:57

बेतहाशा इश्क़,अब आँखों में उतर आया है;
बेरुख़ इस भीड़ में,अब महबूब नज़र आया है!
ताउम्र जिसे मैं ढूँढ़ता रहा,दर-ब-दर;
वो दिल-ए-सुकूँ,अब दुनिया में उभर आया है!!

- ©A.K.Mirzapuri