क्या खूब नाता है मेरा उससे,
युही नही मिलते हम रोज़ उससे।।
मेरे दिल का हाल वो अक्सर बया कर जाती है,
क्या करूँ उससे मिले बिना मुजे नींद भी कहा आती है।।
हज़ारो की भीड़ में एक उसने साथ निभाया है,
जिंदगी के हर पहलू में उसने ही मुजे जीना सिखाया है।।
कोई सुने ना सुने वो हमेशा मुजे सुनती है,
मेरी हर बात को जैसे वो खुद जीती है।।
बहोत दिनों बाद उसको खुलकर सुक्रिया करने का मन है,
क्योंकि आज मेरी कविता का जन्मदिन है।।
- PiNaL29✍️
21 MAR 2020 AT 16:34