Pathik Tank   (मुसाफिर)
2.3k Followers · 524 Following

Bridge Design Engineer

Instagram:- pathiktank
Joined 18 December 2016


Bridge Design Engineer

Instagram:- pathiktank
Joined 18 December 2016
12 JUN AT 21:22

ગઝલની ઝલકમા પલક પલળી થઈ
કલમની સ્યાહિમા યાદો પલળી ગઈ

હતી વિરહની ભીનાશ તેના અવાજમા
કિસ્મતના વેર સામે પ્રેમ ત્યજી ગઇ

ખોવાઇ ગયું ભાન મારૂ એને જોઈને
સ્પર્શથી મારા દુઃખો સમાવી ગઇ

લાગણીના પ્રવાહ સામે ઉંમરને વાંધો પડ્યો
પ્રેમની રેખાઓ આપોઆપ કરમાઈ ગઇ

હેતની હેલ્લી વચ્ચે પરિવારમા વિઘન નડ્યો
વરસતા વ્યવહારમા એ અકળાઈ ગઇ

એકલતામા ભળકયૂ એનું હૃદય એકલું
ન્યાયની બાજી જાતી પર નમી ગઇ

વિરહની વેદના નયનના ખૂણે સમાવી
મહાદેવ સમી ધ્રુસકે ધ્રુસકે રડી ગઇ

-


12 JUN AT 17:52

थक गया हूँ खुद को संभालते संभालते
तकिया भी रो पड़ा मुझको सुनते सुनते

उम्मीद की कश्ती अब डूबने लगी है
थक गया हूँ दुनिया से लड़ते झगड़ते

इरादों में अब जान नहीं बची है
थक गया हूँ ख़ुदको अब बचाते बचाते

यूँ मुमकिन नहीं सब भूल जाना मालिक
बाल बाल बचा हूँ ख़ुदको जलाते बुझाते

नाक़ामियाँ कई है बेशक मुझमे
टूट जाता हूँ अक्सर खुदको जोड़ते जोड़ते

चैन से जीना भी एक ख़्वाब है
ज़रूरतें निचोड़ रहा हूँ अब सोचते समझते

हाथ थाम ले अब जान नहीं मुझमें
दर बदर ठोकरे खाइ मैंने सिसक सिसकके

ख़ुदा तेरे दरबार में फिर फ़क़ीर आया
तुझे मिलकर रो पड़ा वो बिलक बिलकके

-


29 MAY AT 10:08

વિદાય વેળાને, અઢળક દિવસો વીતી ગયા
સિવાય પ્રેમને, બધુ સુપરત કરી ગયા

ઘરનો ઉંબરો એકલા પગે ઓળંગ્યો હતો
નિંદ્રામા સ્વપનો તમારી પૂછા કરી ગયા

આક્રોશ સામે ભયભીત થયું મન મારૂ
આવેશમાં તમે તમારો સ્વભાવ જતાવી ગયા

હતી ઉંમર જિન્દગીમા ઘણી બધી સંગાથની
અણગમ્યા વિવાદથી બધાં સંબંધો ત્યાગી ગયા

થાય ભેટો ભવિષ્યના કોઈ સંજોગ માં
ખુદના કર્મોથી પસ્તાવાનો પ્રસાદ લઇ ગયા

હતું બહુ બધુ વ્હાલ તમારી માટે
તમે ફક્ત વર્ચસ્વમા ભસ્મ થતાં ગયાં

પ્રકાશની છેલ્લી કિરણોથી નીકળેલા હરખ પછી
આખા જીવનમાં વિલયનું અંધકાર સોંપી ગયા

-


17 MAY AT 20:14

ख़्वाबों की गहराइयों में, तेरा एक पहरा है
साथ तेरा मिल जाए, हर पल सवेरा है

यादों की छाँव में रखा है सुकून मेरा
इश्क़ की धूप में बदन जल रहा है

घायल मन में किस्मत पे उठे सवाल कई
मतलब के दायरों में मज़हब बदल रहा है

मुस्कान पे तेरी फ़ना हो जाए दिल मेरा
सितारों के बीच घमासान चल रहा है

तुझे पाने की अर्ज़ी सभी ने की है
वादियों में वसंत का आगमन हो रहा है

ज़ुल्फों में खोना चाहते है बहुत से दीवाने
दिल तक पहोचने का संघर्ष हो रहा है

उम्मीद की डोर अभी भी थामे बैठा है
वो शक्स जिसको तुमने ठुकरा दिया है

-


17 MAY AT 9:32

तूफ़ां दिल का थमेगा कब
सुकूँ दिल में आएगा कब

दिलों के अरमान चकनाचूर हुए
इबादत का अंजाम आएगा कब

निगल रही रात ज़िन्दगी को
भोर विश्वास की होगी कब

होता होगा संघर्ष लकीरों में
ख़ुदा की रहम बरसेगी कब

उम्मीद की आस लिए है
जज़्बात की कद्र होगी कब

उजालों की जगह अँधेरे छाए
उन्माद का जन्म होगा कब

थक हार कर लथपथ हूँ
मेरा हाथ, रघुवर थामेंगे कब

-


1 MAY AT 21:48

હતો અભિમાન તને વિલાયતી વ્યવસ્થા પર
હવે વિચારો સ્વદેશી થવા લાગે,તે ન ચાલે


પૂરી કવિતા અનુશીર્ષકમા


-


1 MAY AT 8:44

मेरे बाद कोई मुझ जैसा मिल जाए
तो साथ उसका तुम कभी न छोड़ना

पूरी कविता अनुशीर्षक में

-


29 APR AT 15:29

'हिंदी मीडियम' में पढ़कर, बच्चों को 'पीकू' सा ड्राइवर बनके उन्हें 'अंग्रेजी मीडियम' स्कूल भेजने के बाद, 'पान सिंह तोमर' की गति से काम पर जाने के बाद दोपहर में 'लंच बॉक्स' खाते हुए, आम ज़िंदगी के 'कारवाँ' को छू लिया। हम सबकी संवेदना 'मक़बूल' हो एसी प्रार्थना

-


17 APR AT 22:26

लोगो ने मुँह पे मास्क लगाए है
हमने पेट पे कपाट लगाए है

पूरी कविता अनुशीर्षक में

-


16 APR AT 21:56

तेरी ज़ुल्फों की छाँव में बितानी थी ये उम्र मेरी
ख़्वाबों की चाहत में हक़ीक़त नज़र नहीं आई

पूरी कविता अनुशीर्षक में

-


Fetching Pathik Tank Quotes