किसी और से खुद को इश्क़ करने नही दिया
तेरी यादों से खुद को उबरने नही दिया
अरे! भर के मिट गए सब घावों के निशां,
पर तेरे दिये जख्मों को हमने भरने नही दिया।
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और किस अक़ीदत से हार मानी है।
तू कहे तो खुद से ही द्वंद्व कर जाऊँ
कैसे मैं इस कहानी का अंत कर जाऊँ
अरे ! तुझमे ज़न्नत दिखी मुझे
अब आबाद होऊं या बर्बाद हो जाऊँ।
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मैं उस रात दिल का हाल लेता रहा
कम्बख़्त दिल उसी की बात करता रहा
डांट कर मैंने उसे चुप कराया तो
सिरहाने में जाकर सिसक कर रोता रहा।-
अकेलेपन में फिर से बिखरना होगा
ज़हर फिर से इश्क़ में पीना होगा
तुम मोहब्बत फिर से कर लेना मगर,
अगर इश्क़ जिया तो नफ़रत भी जीना होगा।-
जब तक इस जिंदगी में सांस जारी रहेगी
तो मुझे भी तेरी तलाश जारी रहेगी
मैं अपनी यादों को भूल जाऊं मगर
तेरी यादों की यादगारी रहेगी।-
ढूंढ़ो मत खुदा को तुम मंदिर और मस्जिद में जाकर
वहाँ तो पाप और गुनाह करने वाले जाया करते हैं
देखा है मैंने ख़ुदा को जाते मयखाने की तरफ,
क्यूंकी मोहब्बत करने वाले तो आजकल मयखानों में आया करते हैं।-
तेरी मोहब्बत में चाहें मेरा नाम कुछ भी हो
आ गए हैं तेरे शहर में अब चाहे अंज़ाम कुछ भी हो
काट लेंगे हम ये जिंदगी तेरी सलाखों में,
फिर चाहें मेरे सिर पे तेरा इल्ज़ाम कुछ भी हो।-
रफ़्ता रफ़्ता तू सांसो में उतर गई,
आहिस्ता आहिस्ता अब ये सांसे गवानी हैं।
मेरे दिल में रहती है तेरी हर एक याद,
क्या सज़ा है,हर धड़कन के साथ दिल पर ही चोट खानी है।-
तेरे नाम में संगीत है,
धड़कनों में गीत है
मैं लिख दूँगा सारा जहां,
जा तू अमर और अभिजीत है।-
मेरी दुआओं का रसूल है तू
मेरा एक ही उसूल है तू
तेरी रूह से प्यार है मुझे
हर शक़्ल में कबूल है तू।-