हर झलक में दिखे तेरा अलग रूप,
बादलों के बीच खिले जैसे सुनहरी धूप।
हर रील में होता हैं एक नया Act,
Accounting से Dancing सब में तू Perfect...
तेरी हर पोस्ट,हर स्टोरी है कुछ ख़ास,
दिल को दे जाता है एक प्यारा सा एहसास॥✍🏻-
छोटी-सी ज़िंदगी,नन्हीं-सी जान,
हम ही करते हैं इंसानों को परेशान।
पटाखों और रंगों से होता है हम पर वार,
पर हम ही हैं अपनी हालत के कसूरवार।
हम ही भौंकते हैं, हम ही काटते हैं,
इंसान तो कभी नहीं मर्यादा से भागते हैं।
हमें ही कर दो इस दुनिया से दूर,
तभी रात में होगा चैन और सुकून॥✍🏻-
चारदीवारी में अपनी खामोशी का शोर सुन रहा हूँ,
ज़िन्दगी की किताब में रिक्त पन्ने पढ़ रहा हूँ।
गिला-शिकवा तो अब किसी से नहीं है,
ख़ुदा ने जो दे दिया,सब सही है।
सबका वक़्त आता है,अपना भी आएगा,
आज नहीं तो कल कुछ ख़ास पल दे जाएगा॥✍🏻-
मैंने सोचा तुझसे Share करूं अपने दर्द का OTP,
पर न मिल पाई मुझे तेरे दिल की Key...
अब तो मानसून का भी हो चला है आगाज़,
जाने तू कब खोलेगा अपने दिल के राज़॥✍🏻
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लम्हों के धागों को लपेटते हुए खिंचता जा रहा है ये वक़्त,
इस पल का क्या भरोसा, जब कुदरत दिखाए रुख सख्त।
कल, आज और कल के तसव्वुर में उलझा है मन,
अब तो रब ही सुनेगा इस दिल की धड़कन॥✍🏻-
2025 ने जून तक ही इतना कुछ दिखा दिया,
इंसान की इंसानियत को भीतर से हिला दिया।
टैरिफ़ वार से ड्रोन और मिसाइल वार,
एयरप्लेन क्रैश को हुए दिन चार॥✍🏻
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मुझे समझ नहीं आती तेरी ख़ामोशी की ज़ुबान,
फिर सोचता हूँ—हर मंज़िल नहीं बनती मनचाहा मुक़ाम।
जिस रास्ते में तू छोड़ गया मेरा हाथ,
अब वहाँ हो रही बिन बादल आँखों से बरसात॥✍🏻-
Mera yun chup ho jana,Teri hi khamoshi ka Jawab h,
Halaki tujh sang Baatein Krna,Ik Pyara sa Khwab h...
Single tick or Double tick & Seen or Unseen,
I might Receive a Message when ur Heart is Truly Keen...✍🏻-
बहुत दिन बाद उठाई आज अपनी लिखी किताब,
Draft में रखी पंक्तियों का कर रहा हिसाब,
एक वक्त था जब हम सब थे साथ,
आज भी वक्त हैं,नहीं हो रही किसी से बात।
Money और Ego के सहारे ज़िन्दगी नहीं कटती,
ग़लती मान लेने से आंखें नहीं झुकती॥✍🏻-
2024 जा रहा हैं और 2025 आने को हैं बेकरार,
पर 2025 के लिए अभी मन नहीं हैं तैयार।
2024 को अभी कुछ देर रुकने देते यार,
खैर अब तो आ गया,देखो ले जाएगा कितना पार॥✍🏻-