2.2k
Quotes
1.1k
Followers
2.0k
Following

Mufeed Alam

read more
Mufeed Alam 6 HOURS AGO

तू और तेरे अल्फ़ाज़ों को पढ़ रहा था मैं,
कभी ग़मगीन तो कभी हँस रहा था मैं।

-


15 likes · 3 comments
Mufeed Alam 6 HOURS AGO

मैंने कई दफ़ा लगाये हैं चक्कर उसके घर के,
ख़ुदा का खौफ़ इतना चेहरा हिज़ाब से ढका पाया,
मेरी लाख ख्वाहिशों पर भी उसका दीदार करना पाया।

-


13 likes · 1 comments
Mufeed Alam 6 HOURS AGO

तू अपना हमसफर बना ले मुझे,
तेरा ही साया हूँ अपना ले मुझे।
यह रात का सफर यक़ीनन,
और भी हसीं हो जाएगा , 
तू आजा मेरे सपनो में
या फ़िर बुला ले मुझे।

-


17 likes · 2 comments
Mufeed Alam 6 HOURS AGO

तेरी ख़ामोशी, अगर तेरी मज़बूरी है,
तो रहने दे, ईश्क़ कौन सा ज़रुरी है।

-


16 likes · 4 comments
Mufeed Alam YESTERDAY AT 23:03

आयेगा एक दिन वो भी, इन्शाअल्लाह !
जब तू सुर्ख़ जोड़े में मेरे रूबरू होगी।

-


35 likes · 6 comments
Mufeed Alam YESTERDAY AT 22:56

ख़ुदा रहम कर ऐसे मासूमों और मज़लूमों पर,
ये तो भूखे ही आपका नाम लेके सो जाते हैं।

-


41 likes · 7 comments
Mufeed Alam YESTERDAY AT 22:50

दिखा दी न अपनी औक़ात सियासत की कुर्सी पे बैठ के,
अब तो तुझे इन मासूमों की चींखें भी सुनाई नही देती है।
तुझे हो गया है तकब्बुर अपने दौलत और चौकीदारों का,
तुझे भी एक रोज़ मौत आयेगी और तेरी रूह लेके जायेगी।

-


30 likes
Mufeed Alam YESTERDAY AT 22:31

लहू बेच बेच कर जिसने अपने परिवार को पाला,
वो भूखा ही सो गया जब बच्चे कमाने वाले हुए।

-


36 likes · 6 comments
Mufeed Alam YESTERDAY AT 20:03

Nature is being killed
by development.

-


33 likes · 1 comments
Mufeed Alam YESTERDAY AT 17:51

सुना है पिछले वक्तों में बेटी एक निदामत थी,
अपने उरूज़ के लिये, ज़िंदा दफना दी जाती थी।
मैं जब भी आइना देखूं मेरी आंखे ये कहती हैं,
रस्में अब भी बाकी हैं, बस अंदाज़ बदले हैं
जिंदा जलाई एवं दफनाई तो अब भी जाती है!

-


Show more
35 likes · 10 comments
YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App