वही करो जो तुम्हारा दिल चाहता है
आखिर कौन तुम्हें तुम्हारे बाद जानता है
खुद से झूठ मत बोलो कि ठीक हो तुम
आईना तुम्हारे सारे राज जानता है
जो सामने है उस हकीकत को मान ले
बार बार क्यों भ्रम के पीछे भागता है
मुसाफिर चलते रहते हैं अपने-अपने रास्ते
रिश्ता सच्चा वही है जो सफ़र बांटता है
सब को सब नहीं मिलता ज़िंदगी में
खुश रहता है वो जो इस सच को मानता है
- Mis MPC
20 APR 2022 AT 19:55