जीवन एक प्रवाह है एक यात्रा है
जो मौत तक ले जाती है
मौत तो एक मंजिल है
जीवन के इम्तिहान में
नाकामयाब होता है वही
जो चुन लेता है अपने लिए मौत,मौत आने से पहले
यात्री को प्रवाह में बहते रहना है
जीवन की जैसी इच्छा होती है यात्रा भी वैसी ही करते रहना है
इस यात्रा में राह में कई मोड़ मिलते हैं
कई तरह के लोग मिलते हैं
हंसी,खुशी,प्यार,अपनापन,दुख,दर्द,धोखा
ये सब तो पड़ाव हैं जहां ठहरना ही होता है यात्री को
कुछ न कुछ पल
पीछे छूटते हुए अतीत को बार बार मुड़कर देखता हुआ
कुछ को सहेज कर रख लेता है पोटली में
कुछ को रौंदकर छोड़ देता है वहीं का वहीं
क्या पता कब ज़िंदगी से मिला दे कब मौत की राह दिखा दे
समय का कोई भरोसा नहीं
कभी समय साथ चलता है
कभी अंगूठा दिखाते हुए आगे बढ़ जाता है
समझदार होता है वही
जो थाम लेता है हाथ समय का, समय बीत जाने से पहले- Mis MPC
1 JUN 2022 AT 9:16