16 SEP 2019 AT 20:53

चुपके से आती हो
धीमे-धीमे गाती हो
बिना मेरी इजाज़त लिए
दिल में समा जाती हो
तुम याद हो उन अपनों की
जो दिल में तो हैं पर साथ नहीं
तुम उनके फासलों को
अपनी शिद्दत से मिटाती हो
चुपके से आती हो...

- Meenakshi Sethi #Wings of Poetry