🌷सांवरे की मनशा 🌷No_3531
सांवरे जब से तुमसे मिली नज़र मेरे जीवन की बदल गयी है डगर
मनशा हुई पूरी श्रद्धा के फूल खिले बदल गया सब मंज़र बस गया मेरे दिल का नगर
#स्वरचित_सुरमन_✍️-
🍁मन के भाव 🍁No_3530
हम वो नही जो एक जगह शांति से बैठ जाये बुद्ध
जीवन मे हर एक चुनौती से करेगे युद्ध
हमे अपना रास्ता बनाना है खुद
चुनौती से हर मार्ग निकलेगा गर होगा वो अवरूद्ध
मनशा मन मे ठानी लिखेगे नयी कहानी
हम आगे बढ़ते रहे चाहे कोई खड़ा हो हमारे विरुद्ध
लक्ष्य को पाने के लिए मन सदैव रहता लुब्ध
#स्वरचित_सुरमन_✍️
20/8/25-
🍁मन के भाव 🍁No_2529
खुद को बेहतर कैसे बनाये
दुनिया की सुने या दिल को समझाये
ऐसा क्या करे क्यों कोई हम मे कमियां बताये
मनशा नही हम किसी रिश्ते मे बिछड़ जाये
बहुत से अरमान लिये जिम्मेदारी भी निभाये
ऐसा क्या है जो हमदर्द समझ ना पाये
परेशानी मे हर कोई दूर क्यों चला जाये
समझाते है खुद को बहुत
खुद को समझूं या दूसरो को समाझाये
हर पल खुद को यही समझाये
शायद वो कभी दिल का दर्द महसूस कर पाये
#स्वरचित_सुरमन_✍️
13/8/25-
🍁मन के भाव 🍁
No_3528
अधूरे वादे अधूरे सपने अधूरी मनशा अधूरी चाहत मगर बेवफाई पूरी मिली
#स्वरचित_सुरमन_✍️
11/8/25-
🍁मन के भाव 🍁
No_3527
मनशा यही टूटे से ना टुटे भाई बहन का बंधन
बहन का भाई के बिना अधूरा होता रक्षाबंधन
#स्वरचित_सुरमन_✍️
9/8/25-
🍁मन के भाव 🍁
No_3526
महादेव
महादेव एक तुम्ही हो भगवान हमारे सभी तो रहते है तुम्हारे सहारे
महादेव हम तुम्हे क्या पूजेगे हम तो खुद है तुम्हारे सहारे
यह धरती यह अम्बर यह चांद सितारे
भगवन् तुम्हीं ने माया रची तुम्ही ने निर्माण किये है सारे
हे दीनदयाल हर दीन दुखी को दुख दर्द से उबारे
सावन मास मे महिमा निराली सबकी मनशा पूर्ण करे जीवन संवारे
महादेव आकर अपने भक्तो पर कृपादृष्टि बरसाये मनशा पूर्ण कर जाये
आरोग्य खुशियां सफलता सौभाग्य धन धान्य समृद्धि आशिर्वाद मिल जाये
बोल बम बोल बम की जय-जयकार लगाये
श्रावण मास के द्वितीय सोमवार की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
#स्वरचित_सुरमन_✍️
21/7/25-
🍁मन के भाव 🍁No_3525
रंग जिंदगी के कैसे कैसे रंग दिखाये
किसी की जिंदगी मे रंग भर जाये
कभी किसी की जिंदगी को बेरंग कर जाये
रंग जिंदगी के किसी की जिंदगी मे नज़र आये
और कभी किसी के चेहरे पर नज़र आये
किसी की जिंदगी रंगों से सराबोर हो जाये
रंगों की दुनिया अजब निराली कैसे कैसे रंग बिखर जाये
हर किसी के पास रंग का अपना तजुर्बा अपना तर्क बताये
रंग किसी की जिंदगी को रंगमय और किसी को रंगहीन कर जाये
रंग जिंदगी के समझाने के लिए अपनी मनशा किसे बतलाये
कभी कभी हम सोचते है क्यों ना हम भी रंग बनकर
किसी की जिंदगी को रंगों से सजाये
#स्वरचित_सुरमन_✍️
20/7/25-
🍁मन के भाव 🍁No_3524
अकेलेपन की आदत तो ना थी
तुम साथ थे तो दिल को राहत थी
अकेलेपन की कभी चाहत ना थी
अब जो है हालात मेरी हालत ऐसे तो ना थी
अकेलेपन की आदत से पहले
बातो के लिए बहुत फुर्सत थी
अकेलेपन की आदत गर ना होती
गर मनशा तेरी यादो की दौलत होती
#स्वरचित_सुरमन_✍️
20/7/25-
🍁मन के भाव 🍁No_3523
कोरी ही रह जाती
कोरे कागज़ से कब किसकी तक़दीर बन पाती
कोरे कागज़ पर किये हस्ताक्षर से किसी की तकदीर सवंर जाती
बहते पसीने की स्याही से जो मुक़द्दर बन जाती
वो कोरे कागज़ से कब बन पाती
मनशा यही कोरे कागज़ ना बने कभी किसी की तकदीर
कोरे कागज़ पर भी बन जाती है कभी बहते अश्क की तस्वीर
सिर्फ कोरे कागज़ ही नही लिखे हुए कागज़ की भी बदल जाती है तहरीर
#स्वरचित_सुरमन_✍️
19/7/25-