Mahesh Bhargava   (Mah......✍️)
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Joined 10 October 2019


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Joined 10 October 2019
YESTERDAY AT 19:22

दर्द में भी हम मुस्कुराते रहेंगे
ना लगाओ मेरे ज़ख्मों पर मरहम
यही वो ज़ख्म है
जो मेरे दर्द को गुनगुनाते रहेगें

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21 JAN AT 18:17

देख मुझे तेरा अब कुछ भी समझ नहीं आता
तेरी नफरत तेरा प्यार अब कुछ भी नही भाता

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15 JAN AT 15:57

✍️कलम में रखती हो इतनी ताकत
पढ़ते ही मिली इन आंखों को राहत 👀

अपने लेखन से सबके दिल को छू जाती हो❤️
एक एक शब्द चुन चुन के कहां से लाती हो🤱

फूलों से महकते अल्फाज़ तुम्हारे🌺🌸
इतनी खुशबू YQ में बिखेर जाती हो💮

आपके लिखने का अंदाज़ कमाल है
हर एक quote में फुल धमाल है😄

पढ़ते ही रहे बस पढ़ते ही रहे📒
अब इन आंखों को आपके
नए नए quote पढ़ने का इंतजार है🖋️

हर एक quote का अलग ही अंदाज है📝
कुछ प्यार भरे तो कुछ में नए विचारों की भरमार है📖📖📝

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13 JAN AT 12:20

ये दिल सब को नहीं दिया जा सकता
मन के मंदिर में बसा लो किसी एक को
ये प्यार है कोई प्रसाद नहीं
जो बांट दिया जाए अनेक को😜

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23 DEC 2021 AT 8:48

बुरा वक्त है आज नहीं तो कल टलेगा
रुक मत तू बढ़ता जा अपनी रफ्तार में
एक सुबह तेरी खुशियों का सूरज भी खिलेगा

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30 AUG 2021 AT 10:30

कान्हा जी के जन्मोत्सव की
आप और आपके परिवार को
ढेर सारी शुभकामनाएं🙏🙏🙏

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25 JUL 2021 AT 21:15

Mah..

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25 JUL 2021 AT 8:55

एक बात अपने दिल में उतार ले मेरे प्यार के रंग को खुद में ढाल ले
पकड़ के तेरा हाथ तेरा साथ नहीं छोडूंगा
जिस दिल में मेरे लिए इतना प्यार है वो दिल में तेरा कभी नही तोडूंगा
रूठेगी हर बार मनाऊंगा पर तुझ से कभी मुंह नही मोडूंगा
बहुत प्यार है तुमसे इनकार मत करना तेरे हर एहसास के साथ ही है जीना मरना
मिलती है खुशी तेरे साथ से सुकून मिलता है तेरे एहसास से
सुनता रहूं तेरी आवाज दिनों रात जैसे कानों में रस घुलता है तेरी बात से
मासूमियत से भरा तेरा चेहरा दिन-रात इसे ही निहार रहा हूँ मैं
चुपके से देख के नजरें झुका लेता मै
कहीं तुम देख ना लो इससे पहले ही नज़रें चुरा रहा हूँ मैं…
तेरे सामने हर वक्त दिल बेकाबू हो जाता है
आओगे मिलने तुम अगले ही पल आस लगाता है
इसे इंतज़ार की तस्सली देकर समझा रहा हूं मैं
क्यों मेरे प्यार का इम्तिहान ले रही हो क्यों ऐसे दूर रहकर मेरी जान ले रही हो
क्यों मेरे दिल को दुख दे रही हो जिसमें तुम्हारे लिए बेपनाह प्यार है
क्यों उसी का इम्तिहान ले रही हो
जनता हूं मेरे नसीब से लड़कर तुझे प्यार किया
नहीं जानता मैंने क्यों प्यार का इजहार किया
मेरी आंखों में तुझे चाहत नही नजर आती रोती है यह आंखे तू क्यों नही समझ पाती
बहुत होंगे तुझे चाहने वाले पर क्या तुझे मेरी कमी नजर नहीं आती

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23 JUL 2021 AT 14:35

कैसे उसे छोड़ दूं , कैसे उसकी यादें दिल से मिटा दूं
ये जिंदगी रूठ जाएगी मुझसे अगर मैं उसे भुला दूं

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21 JUL 2021 AT 17:34

चाहता था की मैं भी खुश रहूं.....✍️
पर सुना है हर चाहत पूरी कहां होती हैं

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