कोटि कोटि सिजदा करूं, कोटि कोटि प्रणाम
चरण कमल में राखियो, ए बांदी जाम गुलाम....-
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा
मन नेकी कर ले दो दिन का मेहमान...
कहा से आया कहा जाएगा ये तन छूटे तब कहा समाएगा...
आखिर तुझको कौन कहेगा गुरु बिन आत्म ज्ञान...
मन नेकी कर ले दो दिन का मेहमान...-
निंदा से न डरियो, निंदा जल की धार...
निंदा से जो डरती मीरा, तो कैसे होती पार...-
अकेलेपन से अक्सर वही इंसान गुजरता है...
जो अपनी जिंदगी में सही फैसले को चुनता है...-
वो कदम ही क्या जो तूफानों से डर जाएं...
कदम तो वो हैं जो तूफानों से टकराएं...-
सिर्फ वक्त के भरोसे मत बैठे रहना दोस्त...
किस्मत वालो के हाथ खाली रह सकते हैं...
लेकिन...
मेहनत करने वालो के नहीं...-
कोई लक्ष्य इंसान के प्रयासों से बड़ा नही....
हारा वही...
जो साला लड़ा नहीं....-
रख हौंसला वो मंजर भी आएगा...
प्यासे के पास चलकर समुंद्र भी आएगा...
थककर न बैठ ए मंजिल के मुसाफिर...
मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा...
-
जिसने कहा कल........दिन गया टल
जिसने कहा परसो.......बीत गए बरसो
लेकिन...
जिसने कहा आज....... उसी ने किया राज-
मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है...
हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है...
डरने वालो को कुछ नही मिलता इस दुनिया में...
लड़ने वालों के कदमों में जहान होता ...
-