कि वास्तविक छवि कोई जान न पाए,
बनावटी व्यक्तित्व कैसे भला संबंध निभाए!
सबको इस बनावट की आदत हो जाती है,
वास्तविक समय पे वास्तविकता पच नहीं पाती है।-
AN HOUR AGO
कि वास्तविक छवि कोई जान न पाए,
बनावटी व्यक्तित्व कैसे भला संबंध निभाए!
सबको इस बनावट की आदत हो जाती है,
वास्तविक समय पे वास्तविकता पच नहीं पाती है।-