4 HOURS AGO

//दहेज - दर्द से शांति तक//

"दहेज" समाज में फैली ऐसी "बीमारी" है, जिसका खत्म होना बहुत जरूरी है, लेकिन ये कभी खत्म नहीं होती बल्कि इसका नाम बदल दिया जाता है। लोग कहते है,,,, हम दहेज नहीं लेते, बस आप अपनी खुशी से, अपनी बेटी को, अपना प्यार दे दीजिएगा। ज्यादा कुछ नहीं चाहते हम बस 20-25 लाख नकद, अब "तिलक" तो देना ही पड़ता है, रस्म जो है। एक छोटी सी कार, आप चाहे तो अपनी बजट के अनुसार कोई भी कार दे सकते है। वो क्या है ना ज्यादा महंगी गाड़ियों का शौक नहीं है हमारे बेटे को! और आप अपनी बेटी को नई गृहस्थी बसाने का कुछ सामान दे दीजिएगा। शादी के बाद आपकी बेटी ही उन सब चीजों का इस्तेमाल करेंगी। हम थोड़े करेंगे!

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- Krishna Kaveri "KK"