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बिछडने का गम हम बया कर ना शके
क्योंकि तुं इस प्यारको मानती नहीं थी,
काश हम तुझे मिल पाये इस जनममें
करनी है वो बात जो हमने
आखरी मुलाकात पे तुम्हें बताई नहीं थी,
आजभी तुम वजह हो मेरी हसी की
गम का कारण तुं कभी बनी नहीं थी,
प्यारका मतलब खोजते थे हम तब
जब तुं मेरी जिंदगी में शामिल नहीं थी,
अब हमे सब अच्छा लगता है क्योंकि
भुले नही हम वो बाते
जो तुने हमे गुस्से से समजाइ थी,
फिलहाल तो अलग है मेरी जिंदगी
तेरे आने से पहले इतनी हसीन नहीं थी,
जबभी मन उदास हो गाना सुनती हुं
पहले ऐ मेरी आदत कभी नहीं थी,
तुझसे जुडी हर बात प्यारी लगती है
पहले मे ऐसी पागल तो नही थी,
तुं साथ है यह काफी है जीने के लिए
तुझे पाने की मेरी तमन्ना भी नहीं थी,
बस ऐसे ही मुस्कराते रहना तुम
मेरी चाह तुझे परेशान करने की नहीं थी,
मे तेरी आँखों की दीवानी हुं नखरेवाली
तुझे देखते रहने की और कोइ वजह नहीं थी,
नियति की कलम से मुलाकात लिखी थी
अचानक उस रोज मे तुमसे मिली नही थी।
P. K...

- Dobrener ni duniya


बिछडने का गम हम बया कर ना शके
क्योंकि तुं इस प्यारको मानती नहीं थी,
काश हम तुझे मिल पाये इस जनममें
करनी है वो बात जो हमने
आखरी मुलाकात पे तुम्हें बताई नहीं थी,
आजभी तुम वजह हो मेरी हसी की
गम का कारण तुं कभी बनी नहीं थी,
प्यारका मतलब खोजते थे हम तब
जब तुं मेरी जिंदगी में शामिल नहीं थी,
अब हमे सब अच्छा लगता है क्योंकि
भुले नही हम वो बाते
जो तुने हमे गुस्से से समजाइ थी,
फिलहाल तो अलग है मेरी जिंदगी
तेरे आने से पहले इतनी हसीन नहीं थी,
जबभी मन उदास हो गाना सुनती हुं
पहले ऐ मेरी आदत कभी नहीं थी,
तुझसे जुडी हर बात प्यारी लगती है
पहले मे ऐसी पागल तो नही थी,
तुं साथ है यह काफी है जीने के लिए
तुझे पाने की मेरी तमन्ना भी नहीं थी,
बस ऐसे ही मुस्कराते रहना तुम
मेरी चाह तुझे परेशान करने की नहीं थी,
मे तेरी आँखों की दीवानी हुं नखरेवाली
तुझे देखते रहने की और कोइ वजह नहीं थी,
नियति की कलम से मुलाकात लिखी थी
अचानक उस रोज मे तुमसे मिली नही थी।
P. K...
#yqmotbhai #yqgujarati #niyati_ki_kalamse

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