वो मोगरे के फूलोँ का खूबसूरत गमला .
मंज़र आसपास पास का,
आज फिर महक उठा है .
वो मोगरे का पौधा जो
एक तोहफ़ा था,
आज उसमें कितने
खूबसूरत फूल खिले है .
वक़्त बीत चला है फिर भी ,
ये मोगरे के फूल जब भी खिलते हैँ ,
याद दिलाते हैँ अपने से कुछ लोग ,
जिन्हें कभी भूल नहीं पाए,
जिंदगी के सफ़र में .
Jyotsana Srivastava
-
Passion for History (M Phil)
I write 'Poetry'.
On very simpl... read more
इन बारिशों से,
चाय का रिश्ता पुराना है.
जब भी ये रिमझिम सी बरस जाती हैं,
हाथों मेँ चाय की प्याली लिए खिड़कियों के करीब से,
दखते हैं इन्हें बरसते हुए यूँ ही देर तक और,
बिखरे पन्नों पर लिखते हैँ कुछ बातेँ ,
कुछ एहसास और कुछ लम्हों की दास्तान.
आज फिर खूबसूरत बारिशें बरस रहीं हैं.
Jyotsana Srivastava
-
Home is a haven of sincere bondings .
A place where every wall speaks of the care and affection which is entwined in each one living in it , home is a beautiful blessing.
Jyotsana Srivastava-
Hold a dream in your eyes,
for with it you can tread
on the path of achievement,
of your goals in life .
Hold a dream in your eyes .
Be inspired to fulfill your dreams .
Jyotsana Srivastava
-
घर
एक छोटा सा ही हो
दीवारों में बसी आपसी प्रेम और विश्वास की महक हो .
चार दीवारों में सुबह की धूप की तरह ,
खुशियाँ की रोशनी आती हो हर दिन .
घर छोटा सा ही हो
अपनेपन के खूबसूरत पल हों
सिमटे दरमियान उसके.
घर एक पूरी हुई मन्नत जैसे .
बहुत अनमोल..
Jyotsana Srivastava
-
सुबह की सुनहरी धूप और
शाम के खूबसूरत
आसमान के रंग,
हर दिन आते हैं,
फिर रात का मंजर,
एक नई खूबसूरत सुबह संग ले आता है .
हर नया दिन कुछ नयी सीख दे जाता है
ये लम्हे अनमोल तोहफ़ा हैँ .
जिंदगी को जीना है
मुस्करा के हर पल
सुबह की धूप की तरह ...
Jyotsana Srivastava-
शहर से बहुत दूर,
आज फिर अपने ही ख्यालों से मिलते चले आए.
इन्हीं हरियाली संग ,आज फिर हवाएं एक गुनगुना रही हैँ .
लम्हें रुक से गए यहाँ ,
आज फिर अपने ही ख्यालों से मिलने,
चले आए इस खूबसूरत मंज़र मेँ.
शहर से बहुत दूर ...
Jyotsana Srivastava.-
कागज के पन्नों पर,
इन्हीं बिखरे फूलों की तरह,
बिखर गए हैं कितने
जज़्बात मोतियों की तरह.
हर दिन,लिख देते हैं
शब्दों में पिरोए एहसास
दिल की कलम से.
ये पन्ने ही सच्चे दोस्त
बन गए,कितने लम्हों मेँ.
Jyotsana Srivastava-
एक छोटा सा वादा
किया है ख़ुद से ही .
मिल गए अगर कभी
राहगुज़र पर यूँ ही चलते-चलते .
चले जाएंगे ,अपनी मंज़िल की ओर.
वक़्त गुज़र गया कितना .
फिर भी बातेँ अनकही सी रह गई.
आज के पल बहुत खूबसूरत हैं.
Jyotsana Srivastava
-
हर नयी सुबह
नयी उमंग ले कर आती है .
सूरज की पहली किरण,
असीम खुशियाँ ले आती है .
ज़िंदगी के सफ़र मेँ हर नई सुबह
ख़ास है .
हर नई सुबह खूबसूरत तोहफ़ा है.
Jyotsana Srivastava-