ये ठंडी हवा का झोंका,
जब भी ये ठंडी हवा का झोंका आता है,
संग तुम्हारी यादों का पिटारा खोल देता है,
जब भी ये ठंडी हवा मुझे छूती है,
तो लगता है कि तुम मुझे सहला रही हो,
जब ये ठंडी हवा कानों को छूती है,
तो लगता है कि तुम मुझे कुछ कह रही हो,
कानों में कुछ गुनगुना रही हो,
फिर दिल ऐक ठंडी सी उडान भर लेता है,
यादों की सफ़र में खो जाता है,
ये ठंडी हवा का झोंका तुम्हारा मेरे पास होने का ऐहसास दिलाता है.
हेमांगी-
24 MAY 2020 AT 18:00