30 APR 2020 AT 8:55

ये जमीं,ये आसमां
पुछ रहे तुजे इधर आ,
सुबह की खूबसूरती को अपने अंदर समां,
मंद मंद बहती हवा संग तु लहरा,
पंछियों संग तु भी गुनगुना,
बांहें फेलाके जिंदगी संग मुस्कुरा,
ये जमीं, ये आसमां.
हेमांगी

-