19 AUG 2021 AT 16:48

वो तुम नही थे.
अरोसे के बाद कोई आहट हूई थी इस दिल में,
वक्त भी सायद बदला बदला सा लग रहा था,
इन निगाहों मे भी अब अलग सा नूर दिख रहा था,
आँखो की पलकों के पीछे अब इंन्तजार का सैलाब उठता था,
दरवाजे पर होती हर दस्तक पर ये दिल रूक सा जाता था,
दिल में रहा हूआ हर एक कतरा लहू का चिख चिख कर तुम्हारा होनें का दावा करता है,
पर शायद तुम वो नही थे जिस पर हमनें अपनां दिल हारा था.
हेमांगी

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