वो शोर ज़्यादा तकलिफ देता है,जो अकेलेपन में हमारी भीतर पनपता है.हेमांगी -
वो शोर ज़्यादा तकलिफ देता है,जो अकेलेपन में हमारी भीतर पनपता है.हेमांगी
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