17 JUL 2020 AT 16:11

वो शाम का आना,
आके मेरे आंगन में बैठना,
तुजे यहां वहां ढूंढना,
फिर ऐक ठंडी सी हवा का झोंका ले आना,
वो शाम का आना.

ठहरीं निगाहों से तुम्हें ढूंढना,
अपने आप से बातें करना,
फिर वो मौसम का पलटनां,
तुजे खुद में ही ढूंढना,
फिर ऐक ठंडी सी हवा का झोंका ले आना,
वो शाम का आना.

अनकहे अल़फाज़ो अपनी निगाहों से तुम्हें सुनाने की चाह रखना,
बिन बोले बातें करना,
अपने आप मे गुंजते गीतों को तुम्हें सुनाने की चाह रखना,
फिर एक ठंडी सी हवा का झोंका ले आना,
वो शाम का आना.
हेमांगी

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