वो कुछ इस तरह बसा है इस ज़हन में,अकसर लोग मुझ में देख लेते है उसे.हेमांगी -
वो कुछ इस तरह बसा है इस ज़हन में,अकसर लोग मुझ में देख लेते है उसे.हेमांगी
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