वो बांध रहे थे मुझे अपनी गज़लों मे,पर मैं तो वो अलफाज हूं जो बिखर के ही सवरती हूं.हेमांगी. -
वो बांध रहे थे मुझे अपनी गज़लों मे,पर मैं तो वो अलफाज हूं जो बिखर के ही सवरती हूं.हेमांगी.
-