वो अक्सर कहा करते हैं की सब ठीक हो जायेगा,
सब सेट हो जायेंगे,
पर ना कुछ बाते, कुछ भावनाए अपनें मन की किसी और को समजापाना मुश्किल सा लगता है,
कुछ बाते कुछ एहसास कभी कागज़ पर नहीं सुलाए जाते,
और ना ही किसीको समझा सकते है,
वो दर्द ,वो चुभन सिर्फ तुमकों ही महेसूस करनी होती है,
और मन ही मन मे एक द्वंद भी सहेन करना होता है.
हेमांगी-
22 MAR 2022 AT 17:17