वक्त तो कहीं ठहरता ही नहीं,
मसलातो सारा लम्हों का है,
जो ठहरता ही नहीं,
अगर उस में जो कैद हो गये तो निकल पाते ही नहीं.
हेमांगी-
19 OCT 2022 AT 16:13
वक्त तो कहीं ठहरता ही नहीं,
मसलातो सारा लम्हों का है,
जो ठहरता ही नहीं,
अगर उस में जो कैद हो गये तो निकल पाते ही नहीं.
हेमांगी-