तुमको शायद याद नही,
आज भी वो चाय का कप वही पर ही है,
टेबल कि फर्श पर वो चाय का दाग वैसा ही है,
वो अधूरी छूटी रही शाम मुड मुड कर कुछ याद दिला रही है,
अधूरी रही प्यार की कहानि दर्द दिलाने लगी,
तुमको शायद याद नही.
हेमांगी-
22 APR 2020 AT 23:03
तुमको शायद याद नही,
आज भी वो चाय का कप वही पर ही है,
टेबल कि फर्श पर वो चाय का दाग वैसा ही है,
वो अधूरी छूटी रही शाम मुड मुड कर कुछ याद दिला रही है,
अधूरी रही प्यार की कहानि दर्द दिलाने लगी,
तुमको शायद याद नही.
हेमांगी-