10 OCT 2022 AT 17:24

तुजसे रिश्ता कुछ ऐसा है,
ना कोई नाम है,
ना कोई अंजाम है,
ना पास हो,
ना ही दूर,
ना पराये कहे सकते है,
ना ही अपनें,
बस ऐक रिश्ता,
जो ऐक ऐहसास से जूडा है,
ना पास का,
ना दूर का,
सिर्फ रुह से रुह तक का.
हेमांगी

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