टूटा हुआ दिल.
कुछ कहानियां दुनिया की नजरों में आती है,
और कुछ कहांनियां किताबों के पन्नों मैं सिमट कर रह जाती है,
ना नजर आती है, ना जीने देती है,
वो कोन सी बात थी,
वो कोन सा लम्हा था,
ना हम रूठे थे,
ना हमारा इश्क़ कच्चा था,
शायद! हां शायद वक्त ने ही कुछ किया था,
या फिर तकदीर कुछ रूठ सी गई थी,
हम जुदा तो हुए,
पर खूद से एक दूजे को अलग ना कर सके,
आज भी रात के अंधेरों मे कुछ टूट सा जाता हो ऐसा महसुस होता है,
बार बार एक ख्याल दिल को मायूस सा कर जाता है,
तुम इतने कैसे बदल गए,
रास्ते ऐसे कैसे बदल गए,
क्या तुम्हें कुछ भी याद नहीं!
या फिर याद करना चाहते ही नहीं!
एक खाली पन सा दिल को घेर लेता है,
शायद इसे ही टूटा हुआ दिल कहते है.
हेमांगी-
7 AUG 2020 AT 14:44