7 AUG 2020 AT 8:16

सच्चा हमसफ़र.
वक्त बहता गया,
ओर हम बडे होते गए,
जिंदगी के रास्तों मे,
हम प्यार से आगे बढते गए,
बेशक मेरे पांव कभी कभी डगमगाए,
उस जिन्मेंदारी के पथ पर,
कभी हारी,कभी थकी,
पर टूटने नहीं दिया तुने मुझे पलभर,
बार बार इश्क़ दिखाना सबके सामने,
जरूरी तो नहीं हर बार हमसफ़र होने की निशानीओ में,
बिन बोले,बिन जताऐ जता देना यहीं तो है मेरा सच्चा हमसफ़र.
हेमांगी

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