सच पूछो तो.
वो वक्त फिर लौट के नहीं आनेवाला,
जब चांद तारों की चूनर ओढे मेरे आंगन में आता था,
ओर तेरी यादों की पायल पहने ये दिल थिरकने लगता था,
जहां रात का माथा चुमके सपने अंगडाई लिया करते थे,
अब उम्र के कागज पर वक्त ने कुछ लिख दिया है,
वो लम्हा अब ठहरेगा ही नहीं.
हेमांगी-
8 JUN 2020 AT 7:35