सब रूप ज़िन्दगी के.
कभी धूप है तो कभी छांव है,
ये ज़िन्दगी बेमिसाल है,
रोज उम्मीदों का सूरज उगता है,
ख्वाबों की रात सजती है,
हर ऐक की आंखों में नई कहांनि का उजाला टिमटिमाता है,
कभी कभी जिंदगी की जंग मे हारते है,
मायूस भी होते है,
तभी तु आकर उम्मीद का सूरज दिखाता है,
सब रूप तेरे हसीन है ओ ज़िन्दगी,
इन्सान की नियत देख तोहफा देती रहती है तु ज़िन्दगी.
हेमांगी-
12 JUL 2020 AT 18:17