13 JUN 2020 AT 9:12

प्यार ने सहेज कर रखा मुझे.
मिट्टी सा है मन मेरा,
जब तेरी यादों के पानी ने मुझ पर बोछार की,
सपनों सी महक गई मे,
अरमानों के चाख पर जब तेरे इश्क की मिट्टी से तेरी मूर्ति बना रही थी,
नजाने कोन सा बादल फटा,
तेरी मूर्ति को बचाने में मै कहीं खो सी रही थी जमाने भर में,
ऐक तेरा इश्क ही था जिसनें मुझे सहज कर रखा.
हेमांगी

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