प्रिय नींद.
ओ प्रिय नींद तु बहुत खूबसूरत है,
तुजे शिद्दत से पाना वो सबके नसीब में कहां!
किसी के नसीब मे तु उसे आसानी से मिल जाती है,
ओर कुछ को तो तुजे पाने के लिए दवाइयों का सहारा लेना पडता है,
तु इतनी हसीन है की
तुजे पाने के लिए तो कोइ कोइ अपनी जिंदगी से पल्ला झाड़ देते है,
प्रिय नींद तु इतना सुकून देती है की
मन की उलझन तुजे पाते ही सुलझ जाती है.
हेमांगी-
13 JUL 2020 AT 23:07