फ़ासले दोनों के दिलो में पड़े थे,और नासमज़ दोनों मंज़िल को रो रहे थे.हेमांगी -
फ़ासले दोनों के दिलो में पड़े थे,और नासमज़ दोनों मंज़िल को रो रहे थे.हेमांगी
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