21 JUN 2020 AT 13:00

पापा
वक्त का पहिया चलों फिर से फिराया जाऐ,
चलो पापा फिर से ऐक बार बच्चा बना जाऐ.

जिम्मेदारीयों का बोझ उठाते उठाते थक गए है जो कंधे,
चलों आज उसपे प्यार का मरहम लगा दिया जाए.

क्यूँ छिपाते हो अपनी ख्वाहिशोको खिलोनो के पीछे,
चलों आज फिर से बच्चों वाले खेल खेले जाए.

दिल पे बोझ है,कोई कश्मकश है,छिपाओ नहीं,
हमारी तरह कभी कभी रो भी दिया करो.

पापा आप हमारा जीवन हो,
और आप से ही हम है,
चलो फिर से आज बच्चा बना जाए.
हेमांगी

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