मुझे जरूरत नहीं.
मुझे जरूरत नहीं अब उन खोखले रिश्तों की जिसमें से स्वार्थ की बू आती है.
नहीं कोई शिकायत उन रिश्तेदारो से जो काम के वक्त किनारा कर जाते है.
मुझे जरूरत नहीं उस प्यार की,
जो उम्र के साथ सूरज की तरह अस्त होने लगे,
नहीं कोइ शिकायत उस रब से जिस ने तकदीर मे फरेबी इश्क से मिलवाया.
मुझे जरूरत नहीं अब उस यादों की जिस की गली मे गुजरकर तुमसे मिला करते थे,
नहीं कोइ शिकायत उस प्यार से जो कभी हमारा हुआ ही नहीं.
हेमांगी
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30 JUN 2020 AT 9:37