लफ्जों को वक्त बेवक्त टटोला भी करो,पता नहीं कब कोन सा रिश्ता खफा हो जाऐ!हेमांगी -
लफ्जों को वक्त बेवक्त टटोला भी करो,पता नहीं कब कोन सा रिश्ता खफा हो जाऐ!हेमांगी
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