11 MAY 2020 AT 16:30

लिए फिरते हो दिल अपना.
ऐ आवारा है या फिर है कोई सपना,
दुनिया के मेले में चहेरे तो हजार होंगे,
पर दिल को समझें ऐसे किरदार तो कम होंगे,
नाजुक, मासूम सा होता है ऐ दिल,
ऐसे मत लिए फिरते रहो अपना दिल.
हेमांगी

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