कुछ उलझते है,कुछ सुलझते है
रिश्तो के चक्रव्यूह मे सब फंसते है
कुछ दूर से खडा कोई
वक्त का लम्हा देख रहा है सब को
रिश्तो के बवंडर मे
कुछ ठहर रहे है,कुछ चल रहे है
हेमांगी-
18 DEC 2021 AT 22:44
कुछ उलझते है,कुछ सुलझते है
रिश्तो के चक्रव्यूह मे सब फंसते है
कुछ दूर से खडा कोई
वक्त का लम्हा देख रहा है सब को
रिश्तो के बवंडर मे
कुछ ठहर रहे है,कुछ चल रहे है
हेमांगी-