26 JAN 2022 AT 17:52

कुछ रिश्ते
ना किसी नाम के,
ना कभी बने किसी संवद के,
गुम सुम से,
फिर भी बहोत कुछ बोलते,
दिल की भावनाओ को समजते,
ना कभी मिले,
ना कभी दिखे,
अल्फाज से बंधे , सजे कुछ रिश्ते.
हेमांगी

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