21 JUL 2020 AT 22:29

कर्ज़ चुकाना पड़ता है.

ये जिंदगी है जनाब,
यहां हर बात के बदलेमें कुछ ना कुछ कर्ज़ चुकाना पडता है,
दिल मे हो दर्द कोइ भी,
पर लबों से मुस्कुराना पडता है.

आहिस्ता आहिस्ता सरकती रहती है हर वक्त ये जिंदगी,
उस जिंदगी को पाने के लिए खूद से भी संघर्ष करना पडता है.

तुज पर यकीन है ओर तुज से ही इश्क़ है,
ये ज़ज्बात बताने,जताने के लिए खूद की नज़रों में यकीन दिलाना पडता है.

ये इश्क़ आसां नहीं है,
इश्क़ करने के लिए कभी कभी आग ओर बर्फ से भी खेलना पडता है.

ये जिंदगी है जनाब,
यहां हर बात के बदलेमें कुछ ना कुछ कर्ज़ चुकाना पडता है.
हेमांगी

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