कई बार दूर के रिश्तो में हम इतना मसरूफ़ हो जाते है,
की पास में रहे रिश्तों की खूशबू महेसूस नहीं कर पाते.
हेमांगी-
31 DEC 2021 AT 17:09
कई बार दूर के रिश्तो में हम इतना मसरूफ़ हो जाते है,
की पास में रहे रिश्तों की खूशबू महेसूस नहीं कर पाते.
हेमांगी-