31 MAY 2020 AT 23:38

खर्च कर दिया है.
उम्र का ऐक हिस्सा खर्च कर दिया हमने,
अपनों को संभालते संभालते,
खूद भी आधें हो गये अपनों को मनाते मनाते,
वो वक्त कभी लौट कर आया ही नहीं,
जो धीरे धीरे इकट्ठा किया था खुद पर खर्च करने के लिए,
बहोत दूर आ गए अब शाम होते होते,
अब वापिस नहीं ला पाऐंगे वो उम्र का वो दायरा,
जो खर्च हो गया अपनों को मनाते मनाते.
हेमांगी

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