26 APR 2022 AT 10:34

खोने को मेरे पास अब कुछ न था,
मेरा एक लौटा दिल ही था,
वो भी तुम ले गए,
और क्या कमाल का इश़्क निभाया तुमनें
ए इश़्क के पुजारी,
बदले में उम्र भर की तन्हाई दे गये.
हेमांगी

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