जिंदगी का रास्ता तेरी तरफ था,
कुछ सपनें सजाये थे,
कुछ ख्वाबो के छोटे़ छोट़े घर बनाये थे,
मैं ने जिंदगी को तेरी ही नज़रो से देखा था,
मैरी जिंदगी का हर रास्ता तेरी ही तरफ था,
पर न जाने क्युं तुम नें क्युं मुह फेर लिया!
क्युं अपना अलग रास्ता चुन लिया!
हेमांगी— % &-
5 FEB 2022 AT 14:52