इश़्क था,
इश़्क है,
और इश़्क रहेगा,
पर ये तुम्हारी सोच से परे की बात है,
तुम सिर्फ नाम से ही इश़्क करते हो,
रूह तक पहोंचना तुमहारे बसकी बात नहीं.
हेमांगी-
18 OCT 2022 AT 15:32
इश़्क था,
इश़्क है,
और इश़्क रहेगा,
पर ये तुम्हारी सोच से परे की बात है,
तुम सिर्फ नाम से ही इश़्क करते हो,
रूह तक पहोंचना तुमहारे बसकी बात नहीं.
हेमांगी-